हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग HPRCA द्वारा आयोजित की जाने वाली HP TGT (Trained Graduate Teacher) भर्ती परीक्षा के नियमों में हाल ही में कड़े बदलाव किए गए हैं। इन नियमों के अनुसार, यदि किसी महिला अभ्यर्थी के हाथ या पैर में मेहंदी लगी है, तो उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

मेहंदी पर प्रतिबंध की मुख्य वजह
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने यह निर्णय परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने और नकल (Cheating) को रोकने के लिए लिया है। आयोग का मानना है कि:
- माइक्रो-चिप और कोडिंग का खतरा: आधुनिक तकनीक के दौर में नकल करने के नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। मेहंदी के बारीक डिजाइनों के बीच छोटे अक्षर, कोडिंग या माइक्रो-चिप्स छिपाने की संभावना रहती है।
- बायोमेट्रिक हाजिरी में बाधा: परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक (अंगूठे के निशान) मशीन का उपयोग किया जाता है। हाथों में गहरी मेहंदी होने के कारण मशीन उंगलियों के निशान सही ढंग से स्कैन नहीं कर पाती, जिससे उपस्थिति दर्ज करने में समस्या आती है।
अभ्यर्थियों के लिए अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए आयोग ने कुछ और सख्त नियम लागू किए हैं:
- आभूषणों पर रोक: परीक्षा हॉल में किसी भी प्रकार के गहने (जैसे अंगूठी, चेन, बालियां) पहनकर जाने की अनुमति नहीं होगी।
- इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर और ब्लूटूथ डिवाइस पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं।
- पहचान पत्र: अभ्यर्थियों को अपने साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र) लाना अनिवार्य है।
सावधानी ही बचाव है
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई उम्मीदवार इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे परीक्षा में बैठने से रोक दिया जाएगा। इसलिए, महिला अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा की तारीख से कम से कम एक सप्ताह पहले अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी न लगाएं।
आधिकारिक सूचना और अपडेट के लिए आप हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (HPRCA) की वेबसाइट पर जा सकते हैं।
निष्कर्ष:
यह नियम सख्त जरूर लग सकता है, लेकिन इसका उद्देश्य केवल योग्य और ईमानदार उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित करना है। परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।