Shimla News Today: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल (Cabinet Meeting) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसमें आगामी पंचायत चुनावों की घोषणा और शिमला रोपवे जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स को लेकर बड़े नीतिगत निर्णय लिए जा सकते हैं।
पंचायत चुनाव 2026: क्या होगा सरकार का अगला कदम?
हिमाचल प्रदेश में पंचायतों का वर्तमान कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। हाल ही में माननीय हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को 30 अप्रैल 2026 से पहले चुनाव प्रक्रिया संपन्न करने के निर्देश दिए हैं।
आज की बैठक में कैबिनेट इस बात पर चर्चा करेगी कि चुनाव होने तक पंचायतों का कार्यभार किसे सौंपा जाए—क्या प्रशासकों की नियुक्ति होगी या वर्तमान प्रतिनिधियों को ही विस्तार दिया जाएगा? इसके साथ ही चुनाव की संभावित तिथियों के रोडमैप पर भी मुहर लग सकती है।
शिमला रोपवे प्रोजेक्ट (Shimla Ropeway Project) को मिलेगी गति
पर्यटन और यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण 13.79 किलोमीटर लंबे शिमला रोपवे प्रोजेक्ट के टेंडर में आ रही बाधाओं को आज दूर किया जा सकता है। पूर्व में केवल एक ही कंपनी के आगे आने के कारण टेंडर प्रक्रिया पर संशय था। सरकार इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए नियमों में ढील देने या नई टेंडर शर्तों को मंजूरी दे सकती है।
बैठक के अन्य प्रमुख एजेंडे:
- शिक्षा क्षेत्र में बदलाव: शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के चयनित 125 स्कूलों में CBSE पैटर्न लागू करने के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा होगी।
- नई नियुक्तियां: स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों के रिक्त पदों और शिक्षा विभाग में नई भर्तियों को लेकर कैबिनेट हरी झंडी दे सकती है।
- आउटसोर्स कर्मी: प्रदेश के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए किसी ठोस नीति या वेतन वृद्धि पर विचार होने की प्रबल संभावना है।
- धर्मशाला जिपलाइन: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धर्मशाला में बनने वाली लंबी जिपलाइन परियोजना के वित्तीय पहलुओं को मंजूरी मिल सकती है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री सुक्खू के दिल्ली दौरे से लौटने के बाद यह पहली बड़ी बैठक है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार से मिले आश्वासनों के बाद राज्य सरकार कुछ बड़े लोक-लुभावन निर्णय भी ले सकती है।